एक मंडप में एक ही साथ तीन दुल्हन से शादी करता दिखा दूल्हा, वीडियो वायरल

तीन दुल्हन से शादी करता दिखा दूल्हा

सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी ऐसी खबरें देखने को मिलती है कि लोगों को काफी हैरानी और आश्चर्य होता है। अभी सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश की एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें एक व्यक्ति ने एक साथ तीन तीन महिलाओं के साथ एक मंडप में शादी की। और तो और यह शादी गैरकानूनी भी नहीं है।

हिम्मत तथा साहस का दिया एक नया परिचय एक ही साथ बिना कानून की परवाह किए कर लिया तीन तीन महिलाओं से शादी   सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी ऐसी खबरें देखने को मिलती है कि लोगों को काफी हैरानी और आश्चर्य होता है। अभी सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश की एक अनोखी शादी  चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें एक व्यक्ति ने एक साथ तीन तीन महिलाओं के साथ एक मंडप में शादी की। और तो और यह शादी गैरकानूनी भी नहीं है।   दरअसल यह कहानी मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के सरपंच की है जिन्होंने एक संग अपनी तीन प्रेमिकाओं के संग सात फेरे लिए। वैसे यह व्यक्ति पिछले 15 साल से तीनों प्रेमिकाओं के संग रह रहे थे और इस शादी में इस व्यक्ति के 6 बच्चे भी शामिल हुए। रिश्ते नाते दारू के उपस्थिति में इन्होंने रविवार को अपनी तीनों प्रेमिकाओं के संग एक ही मंडप में शादी रचाई। शादी की रस्में अतर्राजातीय  परंपरा के अनुसार 3 दिन तक चली।  वैसे उन्होंने अपनी पहली प्रेमिका से मगनी 2003 में की थी, और पिछले 15 साल से उनकी दो प्रेमिका ने भी उनके साथ ही रह रही थी। उनकी शादी के कार्ड सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई।   दूल्हे समर्थ मौर्य ने  यह निर्णय शादी अपने घर वाले तथा बच्चे की खुशी के लिए किया। बच्चे भी अपने पिता की बारात में जमकर डांस किए। इस शादी को करने की दो वजह थी एक तो बच्चे बड़े होकर समाज के ताने को ना सुने। अतः 15 साल की लिविंग रिलेशनशिप के बाद उन्होंने शादी रचाई वहीं दूसरी वजह यह भी थी कि, आदिवासियों के मांगलिक कार्यों में पति-पत्नी तभी शामिल हो सकते थे जबकि उन्हें सामाजिक मान्यता प्राप्त हो। इसलिए इन जोड़ों को पहले अंतरजातीय रीति रिवाज से शादी करना जरूरी था। अब वह किसी भी मांगलिक कार्यों में शामिल हो सकते हैं।  इसी के संग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 342 आदिवासी रीति रिवाज और विशिष्ट सामाजिक परंपराओं को संरक्षण देता है इसलिए इस अनुच्छेद के अनुसार समर्थ मौर्या को एक संग तीन दुल्हन से शादी करने की पूरी आजादी है। यह शादी गैरकानूनी नहीं मानी जाएगी।

दरअसल यह कहानी मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के सरपंच की है जिन्होंने एक संग अपनी तीन प्रेमिकाओं के संग सात फेरे लिए। वैसे यह व्यक्ति पिछले 15 साल से तीनों प्रेमिकाओं के संग रह रहे थे और इस शादी में इस व्यक्ति के 6 बच्चे भी शामिल हुए। रिश्ते नाते दारू के उपस्थिति में इन्होंने रविवार को अपनी तीनों प्रेमिकाओं के संग एक ही मंडप में शादी रचाई। शादी की रस्में अतर्राजातीय परंपरा के अनुसार 3 दिन तक चली।
वैसे उन्होंने अपनी पहली प्रेमिका से मगनी 2003 में की थी, और पिछले 15 साल से उनकी दो प्रेमिका ने भी उनके साथ ही रह रही थी। उनकी शादी के कार्ड सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई।

ek mandap me teen shadi

दूल्हे समर्थ मौर्य ने यह निर्णय शादी अपने घर वाले तथा बच्चे की खुशी के लिए किया। बच्चे भी अपने पिता की बारात में जमकर डांस किए। इस शादी को करने की दो वजह थी एक तो बच्चे बड़े होकर समाज के ताने को ना सुने। अतः 15 साल की लिविंग रिलेशनशिप के बाद उन्होंने शादी रचाई वहीं दूसरी वजह यह भी थी कि, आदिवासियों के मांगलिक कार्यों में पति-पत्नी तभी शामिल हो सकते थे जबकि उन्हें सामाजिक मान्यता प्राप्त हो। इसलिए इन जोड़ों को पहले अंतरजातीय रीति रिवाज से शादी करना जरूरी था। अब वह किसी भी मांगलिक कार्यों में शामिल हो सकते हैं।

हिम्मत तथा साहस का दिया एक नया परिचय एक ही साथ बिना कानून की परवाह किए कर लिया तीन तीन महिलाओं से शादी   सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी ऐसी खबरें देखने को मिलती है कि लोगों को काफी हैरानी और आश्चर्य होता है। अभी सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश की एक अनोखी शादी  चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें एक व्यक्ति ने एक साथ तीन तीन महिलाओं के साथ एक मंडप में शादी की। और तो और यह शादी गैरकानूनी भी नहीं है।   दरअसल यह कहानी मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के सरपंच की है जिन्होंने एक संग अपनी तीन प्रेमिकाओं के संग सात फेरे लिए। वैसे यह व्यक्ति पिछले 15 साल से तीनों प्रेमिकाओं के संग रह रहे थे और इस शादी में इस व्यक्ति के 6 बच्चे भी शामिल हुए। रिश्ते नाते दारू के उपस्थिति में इन्होंने रविवार को अपनी तीनों प्रेमिकाओं के संग एक ही मंडप में शादी रचाई। शादी की रस्में अतर्राजातीय  परंपरा के अनुसार 3 दिन तक चली।  वैसे उन्होंने अपनी पहली प्रेमिका से मगनी 2003 में की थी, और पिछले 15 साल से उनकी दो प्रेमिका ने भी उनके साथ ही रह रही थी। उनकी शादी के कार्ड सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई।   दूल्हे समर्थ मौर्य ने  यह निर्णय शादी अपने घर वाले तथा बच्चे की खुशी के लिए किया। बच्चे भी अपने पिता की बारात में जमकर डांस किए। इस शादी को करने की दो वजह थी एक तो बच्चे बड़े होकर समाज के ताने को ना सुने। अतः 15 साल की लिविंग रिलेशनशिप के बाद उन्होंने शादी रचाई वहीं दूसरी वजह यह भी थी कि, आदिवासियों के मांगलिक कार्यों में पति-पत्नी तभी शामिल हो सकते थे जबकि उन्हें सामाजिक मान्यता प्राप्त हो। इसलिए इन जोड़ों को पहले अंतरजातीय रीति रिवाज से शादी करना जरूरी था। अब वह किसी भी मांगलिक कार्यों में शामिल हो सकते हैं।  इसी के संग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 342 आदिवासी रीति रिवाज और विशिष्ट सामाजिक परंपराओं को संरक्षण देता है इसलिए इस अनुच्छेद के अनुसार समर्थ मौर्या को एक संग तीन दुल्हन से शादी करने की पूरी आजादी है। यह शादी गैरकानूनी नहीं मानी जाएगी।

इसी के संग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 342 आदिवासी रीति रिवाज और विशिष्ट सामाजिक परंपराओं को संरक्षण देता है इसलिए इस अनुच्छेद के अनुसार समर्थ मौर्या को एक संग तीन दुल्हन से शादी करने की पूरी आजादी है। यह शादी गैरकानूनी नहीं मानी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back To Top